क्या चाहिए ?

कोई अगर पूछे मुझ से, कि क्या चाहिए Life में?

तो मेरे पास उसका एक जबाव है कि,

मुझे न, अफसोस न करना अब किसी चीज़ का,

प्यार करना था, कर लिया, इस बीच दिल टूट भी गया तो ठीक है,

सपना जीना था, जी लिया , उसके बीच थोड़ा मर भी लिए तो ठीक है,

दोस्त बनाने थे, बनाए,

नाम कमाना था, कमाया,

इस बीच खुद को थोड़ा खो भी लिया तो ठीक है,

बस शिकवे नहीं चाहिए,

काश नहीं चाहिए,

आखिर में जब ज़िंदगी के तरफ देखूं तो सोचूं कि,

यार, कमाल कि रही है ज़िंदगी मेरी। 

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