छत

छत

कुछ लोग न हमारी ज़िंदगी में छत की तरह होते हैं। ये दुनिया से हमें महफ़ूज रखते हैं, कि हमें कुछ हो नहीं, हम टूट न जाएं। जाने अनजाने में हीं सही लेकिन आसपास जैसे कोई दीवार बना देते हैं, कि हम पर कोई खतरा न आए, ये हमें संभाल कर रखते हैं। लाड़ प्यार से ज्यादा हम से खफ़ा रहते हैं, क्योंकि ये हर वक़्त हमें बेहतर बनाना चाहते हैं। हर लम्हें की चुनौती के लिए तैयार रखना चाहते हैं। हम सब मानें या नहीं , ऐसे लोग बहुत हीं कम मिलते हैं। अगर ऐसा कोई छत हमारे पास है तो उसे संभाल कर रखना हमारी जिम्मेदारी है। वो क्या है कि एक छत की कीमत वही जान सकता है , जिसने रिश्तों की धूप और बारिश को महसूस किया है।

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